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Saturday, 31 December 2016

HTAT कौर्ट केस बाबत राज्यपाल कचेरी नो जवाब नो लेटर 22-12-2016

भारत में शिक्षक शिक्षा नीति को समय के हिसाब से निरूपित किया गया है और यह शिक्षा समितियों/आयोगों की विभिन्‍न रिपोर्टों में निहित सिफारिशों पर आधारित है, जिनमें से महत्‍वपूर्ण हैं : कोठारी आयोग (1966), चट्टोपाध्‍याय समिति (1985), राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति (एन पी ई 1986/92), आचार्य राममूर्ति समिति (1990), यशपाल समिति (1993) एवं राष्‍ट्रीय पाठ्यचर्या ढॉंचा (एन सी एफ, 2005)। नि:शुल्‍क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार (आर टी ई) अधिनियम, 2009, जो 1 अप्रैल, 2010 से लागू हुआ, का देश में शिक्षक शिक्षा के लिए महत्‍वपूर्ण निहितार्थ है।

विधिक और सांस्‍थानिक ढांचा

देश की संघीय ढांचे में हालांकि शिक्षक शिक्षा पर विस्‍तृत नीतिगत और विधिक ढांचा केन्‍द्र सरकार द्वारा प्रदान किया जाता है, फिर भी विभिन्‍न कार्यक्रमों और स्‍कीमों का कार्यान्‍वयन प्रमुखत: राज्‍य सरकारों द्वारा किया जाता है। स्‍कूली बच्‍चों की शिक्षा उपलब्धियों के सुधार के विस्‍तृत उद्देश्‍य की दोहरी कार्यनीति है : (क) स्‍कूल प्रणाली के लिए अध्‍यापकों को तैयार करना (सेवा पूर्व प्रशिक्षण); और (ख) मौजूदा स्‍कूल अध्‍यापकों की क्षमता में सुधार करना (सेवाकालीन प्रशिक्षण)।

सेवा पूर्व प्रशिक्षण के लिए राष्‍ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एन सी टी ई), जो केन्‍द्र सरकार का सांविधिक निकाय है, देश में शिक्षक शिक्षा के नियोजित और समन्वित विकास का जिम्‍मेदार है। एन सी टी ई विभिन्‍न शिक्षक शिक्षा पाठ्यक्रमों के मानक एवं मानदंड, शिक्षक शिक्षकों के लिए न्‍यूनतम योग्‍यताएं, विभिन्‍न पाठ्यक्रमों के लिए छात्र-अध्‍यापकों के प्रवेश के लिए पाठ्यक्रम एवं घटक तथा अवधि एवं न्‍यूनतम योग्‍यता निर्धारित करती है। यह ऐसे पाठ्यक्रम शुरू करने की इच्‍छुक संस्‍थाओं (सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्‍त और स्‍व-वित्तपोषित) को मान्‍यता भी प्रदान करता है और उनके मानदंड और गुणवत्ता विनियमित करने और उन पर निगरानी के निमित्‍त व्‍यवस्‍था है।

लेटर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया नए साल का तोहफा, लॉन्च की पांच नई योजनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित करते हुए कई वर्गों के लोगों के लिए कई स्कीमें जारी की हैं। पीएम मोदी ने महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, गर्भवती महिलाओं और छोटे कारोबारियों के लिए कई स्कीमें लॉन्च की हैं। पीएम मोदी ने ये पांच स्कीमें लॉन्च की।


1.

प्रधानमंत्री आवाज योजना के तहत साल 2017 में निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग के लिए दो स्कीमें शुरू की गई हैं। इसके तहत नौ लाख रुपए के कर्ज पर बयाज में चार फीसदी की छूट मिलेगी। इसके साथ ही 12 लाख के लोन पर बयाज में तीन फीसदी की छुट मिलेगी। इसके साथ ही इस योजना के तहत गांव में बनने वाले घरों की संख्या बढ़ा दी गई है। जितने घर पहले बनने वाले थे, अब उससे 33 फीसदी से ज्यादा घर बनाए जाएंगे। गांव में रहने वाले जो लोग अपने घर का निर्माण करना चाहते हैं या फिर पुराने घर का विस्तार करना चाहते हैं, उन्हें दो लाख रुपए तक के लोन पर बयाज में तीन फीसदी की छूट मिलेगी।


अगले तीन महीने में तीन करोड़ किसानों के क्रेडिट कार्ड को रुपए कार्ड में बदला जाएगा। अभी किसानों को बैंक जाकर पैसे लेने होते थे, अब वे कहीं भी खरीद-फरोख्त कर सकते हैं।

3.

लघु और मध्यम वर्ग के उद्योगों के लिए भी सरकार ने नई स्कीम बनाई है। छोटे कारोबारियों के क्रेडिट गारंटी एक करोड़ रुपए से दो करोड़ रुपए करेगी। सरकार इसकी गारंटी लेगी। इसके तहत नोन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों से लिया गया लोन भी आएगा।


4.

देश के 650 से ज्यादा जिलों में गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में पंजीकरण, डिलीवरी, टीकाकरण और पौष्टिक आहार के लिए छह हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह राशि उनके अकाउंट में सीधे ही जाएगी। अभी इस योजना के तहत चार हजार रुपए दिए जाएंगे। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत यह स्कीम 53 जिलों में चलाई जाएगी।

5.

वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी एक स्कीम शुरू की गई है। अब साढ़े सात लाख रुपए की राशि पर उनके लिए दस साल तक की अवधि के लिए सालाना आठ फीसदी बयाज दर सुरक्षित कर दी गई है। यह बयाज राशि वरिष्ठ नागरिक हर महीने अपने अकाउंट से निकाल सकते हैं।

पीएम मोदी ने किसान, बुजुर्ग और गरीबों को दिया नए साल का तोहफा, किए ये 10 बड़े ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल की पूर्व संध्या पर देशवासियों को नए साल का गिफ्ट दे दिया। मोदी ने घर बनाने के लिए गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार द्वारा लिए जाने वाले लोन पर ब्याज में बड़ी कटौती की। वहीं महिलाओं, किसानों, छोटे व्यापारियों के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया। मोदी ने आज कौन-कौन से बड़े ऐलान किए जानने के लिए आगे देखें..
नए साल के मौके में अगर आप पार्टी करने का सोच रहे हैं तो यह आप के लिये है। पार्टी करने वालों के लिए बार ने स्पेशल आफर रखा है। सोशल ऑफलाइन नाम के बार ने अलग तरह का ऑफर शुरू किया है। इस ऑफर न्म वहां पर 31 रुपये में बीयर या एक शॉट दिया जाएगा। लेकिन शर्त कि ऑफर के लिए लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण सुनना होगा। 31 दिसंबर की शाम को साढ़े सात बजे से देश को संबोधित करेंगे। उनका यह संबोधन नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद हो रहा है।
बार मैनेजर्स का कहना है कि कई ग्राहक मोदी की स्पीच की व्यवस्था के बारे में पूछने के बाद ही अपनी टेबल बुक करा रहे हैं। दिल्‍ली के द वॉल्ट कैफे के मैनेजर के हवाले से रिपोर्ट में लिखा गया है, ‘लोग यूट्यूब, टि्वटर और न्यूज पोर्टल से अपडेट के साथ ही भाषण को लाइव सुनने में ज्यादा कंफर्ट महसूस करेंगे। इसलिए हम लोग इसकी स्क्रिनिंग का ऑप्शन रख रहे हैं। ग्राहकों की डिमांड पर हम लोग मोदी की स्पीच की स्क्रिनिंग करेंगे।’ तो गीत गुन गुनाईए क्योंकि आज 'नशे से चढ़ेंगे' पीएम मोदी।

सोशल ऑफलाइन नाम के बार ने मुंबई, दिल्‍ली और बेंगलुरु में चलने वाले बार ने अपने फेसबुक पेज के ज़रिए ऑफर की जानकारी दी। इसमें लिखा है, ”भाइयों और बहनों, 31 रुपये में बीयर या एक शॉट लीजिए। आइए और 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के बाद हमारे प्रधानमंत्री का फॉलोअप भाषण देखिए। शर्त है- ऑफर पर एक व्‍यक्ति तीन बार ही दावा कर सकता है। यह ऑफर शाम साढ़े सात से रात आठ बजे तक जारी रहेगा।” गौरतलब है कि इस बार कई बार व पब में भी मोदी का भाषण दिखाया जाएगा।



नए साल पे रिजर्व बैंक का तौफा अब एटीएम से निकाल पाएंगे 4500 रुपये केश पढ़े पूरी खबर

नए साल के मौके पर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने जनता को तोहफा दिया है। आरबीआई ने एटीएम से पैसे निकालने की लीमिट को बढ़ा दिया है। जी हां, हाल ही खबर आ रही है कि रिजर्व बैंक ने अब एटीएम से रुपए निकालने वालों को एक बड़ी राहत ही है। आम आदमी को राहत प्रदान करते हुये रिजर्व बैंक ने आज रात कहा कि एक जनवरी से एटीएम से प्रतिदिन 2,500 रूपये की जगह 4,500 रूपए तक निकाले जा सकेंगे।


हालांकि, पैसे निकालने की साप्ताहिक सीमा में कोर्ई बढ़ोतरी नहीं की गयी है, जो एटीएम सहित एक व्यक्ति के लिए 24,000 रूपया है। छोटे व्यापारियों के लिए यह राशि 50,000 रूपया है। एक अधिसूचना में केंद्रीय बैंक ने कहा कि स्थिति की समीक्षा के आधार पर एक जनवरी 2017 से एटीएम से पैसे निकालने की सीमा प्रतिदिन वर्तमान 2,500 रूपया से बढ़ाकर 4,500 रूपया किया जा रहा है। नौ नवंबर को 500 और 1000 रूपये के पुराने नोटों को बंद किये जाने के बाद बैंक के साथ साथ एटीएम से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी गयी थी।

रिजर्व बैंक की विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि पैसे निकालने की साप्ताहित सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और इस तरह का वितरण ‘‘मुख्य रूप से 500 रूपये के नोटों में किया जाना चाहिए। जनता के लिए आरबीआई द्वारा सुनाया गया नए साल का तोहफा है, साथ ही एक जनता के लिए राहत भरा फैसला है।
Source by ucnews

नए साल की पूर्व संध्या पर पीएम मोदी ने खोला राहतों का पिटारा, जानिए क्या-क्या किए ऐलान

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2016 यानी आज नोटबंदी को लेकर राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने इससे पहले 8 नवंबर को देश को संबोधित किया था, जब उन्होंने देश से भ्रष्टाचार और काले धन को खत्म करने के लिए 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने की घोषणा की थी। आज वह विमुद्रीकरण और काले धन पर बात कर बात की। उन्होंने कहा कि दीवाली के तुरंत बाद हमारा देश ऐतिहासिक शुद्धि यज्ञ का गवाह बना।
पढ़ें-पीएम मोदी द्वारा कही गई बातों के मुख्य अंश :
वरिष्ठ नागरिकों को 7.5 लाख रुपए तक की राशि पर 10 साल तक के लिए सालाना 8 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा, जिसे वह हर महीने निकाल सकेंगे: PM

गर्भवती महिलाओं के लिए सरकार का ऐलान। देश के 650 से ज्यादा जिलों में सरकार गर्भवती महिलाओं को पंजीकरण, डिलिवरी, टीकाकरण के लिए 6000 रुपये की मदद करेगी।

मुद्रा योजना को पिछले साल करीब 3.5 करोड़ लोगों ने फायदा उठाया है: पीएम मोदी

डिस्ट्रिक्ट कॉपरेटिव सेंट्रल बैंक और प्राइमरी सोसायटी से जिन किसानों ने खरीफ और रबी की बुवाई के लिए कर्ज लिया था उस कर्ज के 60 दिन का ब्याज सरकार वहन करेगी और किसानों के खातों में ट्रांसफर करेगी: PM
घर की मरम्मत के लिए दो लाख रुपये के लोन पर ब्याज में तीन फीसदी की छूट मिलेगी: पीएम मोदी

छोटे व्यापारियों की क्रेडिट गारंटी बढ़ाकर सरकार ने 1 करोड़ से दो करोड़ रुपये की: पीएम मोदी

किसानों का 60 दिनों का कर्ज सरकार देगी: पीएम मोदी

आदतन बेईमान लोगों को भी अब टेक्नोलॉजी की ताकत के कारण, काले कारोबार से निकलकर कानून-नियम का पालन करते हुए मुख्यधारा में आना होगा: PM

अगले तीन महीने में 3 करोड़ किसान क्रेडिट कार्डों को RUPAY कार्ड में बदला जाएगा:
फर्टिलाइजर भी 9 प्रतिशत ज्यादा उठाया गया है: PM

पिछले साल की तुलना में इस वर्ष रबी की बुवाई 6 प्रतिशत ज्यादा हुई है: PM

अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरों में इस वर्ग को नए घर देने के लिए दो नई स्कीमें बनाई गई हैं: PM

पीएम आवास योजना के तहत शहरों में बनने वाले घरों पर नौ लाख के कर्ज पर ब्याज में 4% और 12 लाख पर 3% की छूट।

आजादी के सालों बाद भी लोगों के पास घर नहीं: पीएम मोदी

हिंसा का रास्ता छोड़ नौजवान मुख्यधारा में लौट रहे हैं: पीएम मोदी
काल के कपाल पर अंकित हो चुका है कि जनशक्ति का मतलब क्या होता है: पीएम मोदी
किसी देश के लिए शुभ संकेत है कि उसके नागरिक कानून का पालन करते हुए मुख्य धारा में वापस आ रहे हैंः पीएम मोदी

बैंकों से आग्रह है कि वे अपनी परंपरागत प्राथमिकताओं से बाहर आकर गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के लोगों को ध्यान नें रखकर कामकाज करे: पीएम मोदी

जिन बैंक कर्मचारियों ने नोटबंदी के दौरान गड़बड़ी की है उन्हें बख्शा नहीं जाएगा: पीएम मोदी

नोटबंदी के दौरान बैंक कर्मचारी, पोस्ट ऑफिस कर्मियों ने बहुत सराहनीय काम किया है: पीएम मोदी

बीते दिनों की घटनाओं ने यह साफ किया है कि चालाकी के रास्ते आगे बंद हो चुके हैं: पीएम मोदी
कालाधन समाज और सरकार के लिए नासूर बन गए हैं : पीएम मोदी

नागरिकों से ज्यादा जिम्मेदारी अफसरों की है: पीएम मोदी

चर्चा स्वाभाविक है कि अब बेईमानों का क्या होगा? ऐसे में कानून अपना काम करेगा। सरकार की प्राथमिकता है कि ईमानदारों को संरक्षण कैसे मिले: पीएम मोदी

यह सरकार सज्जनों की मित्र है और दुर्जनों को सही रास्ते पर लाने के लिए मार्ग प्रशस्त करने में लगी है: पीएम मोदी

सरकार को मिली जानकारी के मुताबिक देश नें सिर्फ 24 लाख लोग मानते हैं कि उनकी आय 10 लाख रुपये से ज्यादा है: पीएम मोदी
बड़े नोट गरीबों का हक छीन रहे थे: पीएम मोदी
दिवाली के बाद की घटनाओं से यह सिद्ध हो चुका है कि लोग करप्शन के घुटन से मुक्त होना चाहते हैं-मोदी

देशवासियों ने जो कष्ट झेला है वह भारत के भविष्य की मिसाल है: पीएम मोदी
बीते कुछ सालों में 500 और हजार के नोट महंगाई और कालाबाजारी बढ़ा रहे थे।

बहुत से देशवासियों ने मुझे चिट्ठियां लिखीं और अपना दर्द साझा किया: पीएम मोदी

सरकार ने संबंधित लोगों से बैंकिंग व्यवस्था को सामान्य करने के लिए कहा है: पीएम मोदी

भ्रष्टाचार और जाली नोटों के खिलाफ लड़ाई में आप साथ है: पीएम मोदी

बीते दिनों अपना ही पैसा निकालने के लिए आप लोगों को घंटो लाइन में लगना पड़ा औऱ परेशानी उठानी पड़ी: पीएम मोदी

अच्छाई के लिए होने वाले आंदोलनों में जनता आमने सामने होते हैं, लेकिन इस आंदोलन में सरकार और जनता दोनों कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ रहे हैं: पीएम मोदी
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी, देशवासियों ने इसे जीकर दिखाया है: पीएम मोदी

सच्चाई और अच्छाई हमारे देश के लोगों के लिए बहुत महत्व रखती है: पीएम मोदी

अपने घर की विकृतियों और बुराइयों के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार हुए देशवासी: पीएम मोदी

कालेधन, भ्रष्टाचार को घुटने टेकने पर ईमानदार देशवासियों ने मजबूर किया: पीएम मोदी

मुसीबत की घड़ी में देशवासियों ने धैर्य से काम किया: पीएम मोदी

ऐसी घुटन से मुक्ति की तलाश में थे देशवासी: पीएम मोदी

देशवासियों के धैर्य से शुद्धि यज्ञ चला: पीएम मोदी

देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं पीएम मोदी।

Friday, 30 December 2016

मोदीजी ने लॉन्च किया BHIM एप डिजिटल इंडिया होगा अब केश लेस जाने पूरा समाचार

केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी की घोषणा 8 नवंबर की गई थी। नोटबंदी की घोषणा के बाद पूरे भारत में पैसों के लिए किलकत देखी गई हैं। तो वहीं पीएम मोदी ने आज डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के लिए शुक्रवार को बीएचआईएम एप लॉन्च किया। 'BHIM' का मतलब 'भारत इंटरफेस ऑफ मनी' एप को लॉन्च किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के लिए शुक्रवार को बीएचआईएम एप लॉन्च किया। 'BHIM' का मतलब 'भारत इंटरफेस ऑफ मनी' एप को लॉन्च किया


एप को लॉन्च करते हुए पीएम मोदी ने खादी ग्रामोद्योग को पैसा ट्रांसफर किया। पीएम ने एप के जरिए 125 रुपए खादी ग्रामोद्योग को ट्रांसफर किए। इस मौके पर पीएम के साथ केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे।

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पीएम मोदी ने डिजिटल पेमेंट को आसान बनाने के लिए पीएम मोदी ने बीएचआईएम एप लॉन्च किया। इस मौके पर पीएम ने दो योजनाओं 'डिजी धन' योजना और 'लकी ग्राहक' योजना का ड्रा निकाला और इन दोनों योजनाओं के विजेताओं को सम्मानित किया।
इस दौरान नोटबंदी पर मोदी ने कहा कि कुछ लोग अब भी निराश हैं। ऐसे निराशावादी लोगों के लिए अभी कोई दवाई नहीं है। ऐसे लोगों को उनकी निराशा मुबारक

Thursday, 29 December 2016

हुआ Jio का वो ऐलान, जिसका भारत कर रहा था इंतजार- जानिए

ई-कॉमर्स कंपनी स्नैडील के वेबपेज पर रिलायंस Jio Sim की होम डिलीवरी का एड नजर आया है। जिसके लिए यूजर को ई-कॉमर्स वेबसाइट पर अपनी कॉन्टैक्ट डीटेल, पता और एरिया की जानकारी देनी होगी। आपको बता दें कि Jio Sim अभी कुछ चुनिंदा जगहों पर ही डिलीवरी के लिए उपलब्ध होगी। यहां यूजर टाइम-स्लॉट भी चुन सकते हैं जिसमें वह Jio Sim की डिलिवरी चाहते हैं। new year offer के तहत Jio के नए यूजर को मार्च 2017 तक फ्री वायस कॉलिंग, फ्री डेटा मिलेगा।

welcome offer को भी कंपनी ने बढ़ा दिया है और इसे ‘happy new year offer’ का नाम दिया है जिसके तहत कंपनी के सभी 50 लाख से ज्यादा यूजर्स मार्च 2017 तक फ्री सेवा का लाभ ले सकेंगे। ‘happy new year offer’ में एक दिन 1 GB डेटा मिलेगा जो खत्म होने पर यूजर को स्पीड थोड़ी स्लो मिलेगी. आपको बता दें वेलकम ऑफर में इस डेटा की लिमिट हर दिन 4 GB थी।

गुड न्यूज:- 1 जनवरी से ट्रेन एक्सीडेंट पर 8 लाख रुपए मुआवजा, जानें और क्या बदलेगा रेलवे

यात्री सुवि‍धाओं के वि‍कास की पटरी पर भारतीय रेलवे ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। बीते साल कई बड़ी दुर्घटनाओं के कारण छवि‍ को जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लि‍ए अब कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले साल में आप रेलवे में कुछ बड़े बदलावों को महसूस करने की उम्‍मीद कर सकते हैं। भारतीय रेलवे अगले साल छोटी बड़ी कई सुवि‍धाओं को शुरू कर रही है, जि‍ससे यात्रि‍यों का सफर सुरक्षि‍त और सुकूनदायक रहे। इन सबके बावजूद अगर यात्री को कि‍सी तरह का नुकसान उठाना पड़ता है तो उसकी वाजि‍ब भरपाई करने की कोशि‍श भी होगी। आइए जानतें हैं रेलवे अपने पैसेंजर को नए साल में और क्‍या-क्‍या सुविधा देने जा रही है….. 
 
 

अब मुआवजा राशि 4 लाख की बजाय 8 लाख रुपए
 
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक वैध टिकट पर ट्रैवल करने वाले पैसेंजर की ट्रेन एक्सीडेंट में मृत्यु होने पर उसके परिजनों को मिलने वाली मुआवजा राशि 4 लाख रुपए की बजाय 8 लाख रुपए होगी। इसके अलावा ट्रेन एक्सीडेंट में अगर किसी व्यक्ति के चेहरे पर गंभीर चोटें आती हैं या एक्सीडेंट के दौरान कोई रेल पैसेंजर दिव्यांग हो जाता है, तो वह भी 8 लाख रुपए की मुआवजा राशि का हकदार होगा। घायलों और मृतकों के परिजनों को ये राशि रेलवेज क्लेम ट्रिब्यूनल (आरसीटी) के जरिए मिलेगी।

लोकरक्षक भर्ती माटे नु ग्राउंड टेस्ट माटे नु लिस्ट जाहेर

उम्मीदवारों जो सफलतापूर्वक गुजरात पुलिस कांस्टेबल परीक्षा में दिखाई दिया है। अब सभी ओजस कांस्टेबल परिणाम के लिए देख रहे हैं और काट रहे हैं। उम्मीदवार की एक बड़ी संख्या को दिया गया था कांस्टेबल लिखित परीक्षा 23 अक्टूबर को आयोजित किया गया था, 2016. अब भर्ती बोर्ड सभी के लिए सूची की कटौती करने जा रही उम्मीदवारों दिखाई दिया। उन सभी उम्मीदवारों जो बेसब्री से उनके गुजरात पुलिस कांस्टेबल परिणाम और मेरिट सूची के लिए इंतज़ार कर रहे। कई उम्मीदवारों की उम्मीद इंटरनेट पर कटौती की खोज कर रहे हैं, कांस्टेबल लिखित परीक्षा की उत्तर कुंजी जल्द ही इसकी आधिकारिक वेबसाइट पर गुजरात पुलिस द्वारा जारी किया जाएगा। कभी कांस्टेबल परिणाम बाहर जीपी जब हम यहाँ प्रदान करेगा, तो के लिए गुजरात पुलिस पर ताजा अपडेट यह वेब पेज पर जाकर रखने के परिणाम। काट सूची उम्मीदवारों की संख्या के आधार पर किया जाएगा और परीक्षा उपलब्ध पोस्ट की संख्या में दिखाई दिया।

OJAS जल्द ही गुजरात पुलिस भर्ती 23 अक्टूबर को आयोजित परीक्षा के लिए कांस्टेबल परीक्षा परिणाम जारी करेंगे, 2016. इसकी उम्मीद है कि OJAS पिछले सप्ताह नवम्बर में कांस्टेबल मेरिट सूची जारी। इसलिए सभी उम्मीदवार जो इस भर्ती परीक्षा में छपी है आप देख सकते हैं कि OJAS परिणाम या ojas.gujarat.gov.in के माध्यम से गुजरात पुलिस कांस्टेबल परिणाम सलाह दी जाती है।
ताजा अपडेट - हाल ही में गुजरात पुलिस भर्ती विभाग 17,532 निहत्थे / सशस्त्र कांस्टेबल Lokrakshak, एसआरपी कांस्टेबल, जेल सिपाही पद की भर्ती के लिए एक नया नोटिस जारी किया। वास्तव में यह उन सभी उम्मीदवार जो गुजरात में पुलिस ने नौकरी के लिए देख रहे हैं या पुलिस बल में अपने कैरियर बनाने के लिए चाहते हैं के लिए अच्छा नया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार गुजरात पुलिस भारती वर्ष 2016 के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं हम सभी पाठक जो इस भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं का सुझाव दिया है, कृपया आयु सीमा, शिक्षा योग्यता या अन्य पात्रता मानदंड की तरह पूरी जानकारी पहले लागू की जांच, ऑनलाइन पंजीकरण शुरू हो जाएगा 1 सेंट जुलाई 2016 से।

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Wednesday, 28 December 2016

बिग न्यूज:- पुराने नोटों को लेकर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, जानकर उछल जाएंगे जाने याहासे से

केंद्रीय कैबिनेट अमान्य हो चुके 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों के रखने की सीमा को लेकर आज अध्यादेश को मंजूरी दे सकती है। अध्यादेश के जरिए आरबीआई में सिर्फ कुछ विशेष मामलों में ही पुराने नोट जमा करने की छूट दी जा सकती है।
इसके अलावा 30 दिसंबर के बाद पुराने नोट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। अध्यादेश के जरिए लोगों के पास पुराने नोट रखने की सीमा तय की जा सकती है और अगर किसी के पास तय सीमा से ज्यादे पुराने नोट मिले तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है। पुराने नोट रखने की सीमा 10,000 रुपये तय की जा सकती है और इससे ज्यादा पाए जाने पर 50 हजार रुपये या बरामद राशि का 5 गुना जुर्माना लगाया जा सकता है।
8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के साथ ही सरकार ने यह भी कहा था कि पुराने नोट 31 मार्च तक जमा कराए जा सकते हैं। 30 दिसंबर तक बैंकों और डाक घरों में पुराने नोट जमा कराए जा सकते हैं जबकि इसके बाद यह नोट सिर्फ रिजर्ब बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराए जा सकेंगे। हालांकि, बाद के नोटिफिकेशंस में यह उस तारीख का जिक्र नहीं है कि आरबीआई में कब तक पुराने नोट जमा कराए जा सकेंगे।
एक सूत्र ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट आरबीआई में नोट जमा करने को लेकर आज अध्यादेश को मंजूरी दे सकती है। अध्यादेश के जरिए 31 मार्च 2017 तक पुराने नोटों को आरबीआई में जमा कराने की इजाजत दी जा सकती है लेकिन इसके लिए कई कड़ी शर्तें लगाई जा सकती हैं। इन शर्तों में विदेश में रहने वाले लोगों, सुदूर या दुर्गम स्थानों पर तैनात सेना या अर्धसैनिक बलों के लोगों को वाजिब वजह बताने के बाद पुराने नोट जमा कराने की इजाजत दी जा सकती है।
दरअसल सभी नोटों पर आरबीआई धारक को उस नोट के मूल्य के बराबर राशि देने का वचन देती है। विशेषज्ञों के मुताबिक नोटों को दी गई यह वैधता तभी खत्म की जा सकती है जब हर व्यक्ति को पुराने नोटों को लौटाने का पर्याप्त समय दिया जाए और उसके बाद कानूनी तरीका अपनाकर नोट की वैधता समाप्त की जाए।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी पिछले महीने कहा था कि कुछ कानूनी कदम उठाने की जरूरत हो सकती है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव ने भी कहा था पुराने नोटों को कानूनी तौर पर पूरी तरह अमान्य करने के लिए कुछ कानूनी बदलावों की जरूरत पड़ सकती है।
अध्यादेश के जरिए सरकार 30 दिसंबर के बाद पुराने नोट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई कर सकती है। लोगों के पास पुराने नोट रखने की सीमा तय की जा सकती है और अगर किसी के पास तय सीमा से ज्यादे पुराने नोट मिले तो उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है। पुराने नोट रखने की सीमा 10,000 रुपये तय की जा सकती है और इससे ज्यादा पाए जाने पर 50 हजार रुपये या बरामद राशि का 5 गुना जुर्माना लगाया जा सकता है।

क्या आप जानते हे आपका रिलायंस जियो सिमकार्ड प्री पेड़ हे या पोस्टपेड जाने ये ट्रिक्स और बिल के1 बारेमे संदिग्ध जानकारी

वेलकम ऑफर उपभोक्ताओं की माय जियो ऐप में लिखा आ रहा है, "अनलिमिटेड डेटा, एसएमएस और अन्य सुविधाओं का लाभ 31 दिसंबर 2016 तक लीजिए।"

वेलकम ऑफर 31 दिसंबर 2016 तक के लिए लाया गया था।
सता रहा बिल का डर:
रिलायंस जियो ग्राहकों को लगातार आ रही खबरों के बाद से बिल आने का डर सताने लगा है। यह अफवाह गर्म है कि जिन लोगों का वेलकम ऑफर 31 दिसंबर के बाद खत्म हो रहा है उन्हें 1 जनवरी के बाद से बिल भरना होगा। हालांकि आपको बता दें कि इस बात में कोई भी सच्चाई नहीं है। बिल सिर्फ पोस्टपेड ग्राहकों को 31 मार्च के बाद ली गई सर्विस के लिए भरना होगा। प्रीपेड ग्राहक 31 मार्च के बाद रिचार्ज के जरिए जियो की सुविधाएं ले सकेंगे।
क्या है मैसेज की सच्चाई:
दरअसल जिन लोगों ने 4 दिसंबर के बाद रिलायंस जियो का नया कनेक्शन लिया है उन्हें “जियो हैप्पी न्यू ऑफर” का लाभ तभी से मिलना शुरू हो गया है। लेकिन जो उपभोक्ता वेलकम ऑफर का इस्तेमाल कर रहे हैं उनका ऑफर 31 दिसंबर को खत्म हो जाएगा, इसलिए MyJio ऐप में वह मैसेज दिखाई दे रहा है। हालांकि उपभोक्ताओं को चिंता करने की इसलिए जरूरत नहीं है क्योंकि 1 जनवरी से ऐसे यूजर्स को ऑटोमेटिकली जियो हैप्पी न्यू ऑफर का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। इस तरह जियो के सभी ग्राहकों के लिए 31 मार्च तक सभी सुविधाएं फ्री हैं और बिल केवल उसके बाद ली गई सुविधाओं के लिए पोस्टपेड ग्राहकों को ही भरना होगा।
कैसे पहचानें जियो कनेक्शन प्रीपेड है या पोस्टपेड:
–  सबसे पहले अपने स्मार्टफोन की Myjio App में जाएं।
Reliance Jio, Reliance Jio Sim, Jio Sim, Reliance Jio Prepaid Sim, Reliance Jio postpaid Sim, Prepaid or Postpaid, Reliance Jio 4G, Reliance Jio 4G Sim, How to identify, 31 March, Welcome Offer, Happy New Offerअगले स्टेप में आपको जियो अकाउंट की पूरी डीटेल आ जाएगी। यहां अगर सबसे ऊपर लिखा है Balance और नीचे Recharge का ऑप्शन दिया होगा तो आपका सिम प्रीपेड है। (Photo: Jansatta.com/Vishal Ahlawat)
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Monday, 26 December 2016

टैक्स में मिल सकती है राहत, वित्त मंत्री जेटली ने दिए संकेत

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए भारत को अब कराधान के निचले स्तर पर जाने की जरूरत है. बजट से पहले जेटली की ये बयान संकेत देता है कि सरकार टैक्स में लोगों को छूट दे सकती है.
जेटली ने कहा कि अब हमें निचले दर के कराधान की जरूरत है, ताकि हम सेवाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकें. प्रतिस्पर्धा घरेलू नहीं, बल्कि वैश्विक है. आप सेवाओं में एक यही महत्वपूर्ण बदलाव महसूस करेंगे. वित्त मंत्री ने यह बात राष्ट्रीय अकादमी के आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) (सीएंडसीई) अधिकारियों के 68वें बैच के पेशेवर प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कही.
सूत्रों की मानें तो सरकार मौजूदा टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 4 लाख रुपये करने पर विचार कर रही है.
वर्तमान में टैक्स छूट की लिमिट 2,50,000 रुपये है. अगर टैक्स स्लैब में बदलाव होता है तो 4 लाख तक की कमाई करने को टैक्स देने से छूट मिल जाएगी.
वि‍त्‍त मंत्री ने इसके साथ ही टैक्स चोरी को लेकर कहा कि अब वो दौर जा रहा है जब सरकार से टैक्‍स चुरा लेना कोई गंभीर बात नहीं थी. जो टैक्स बनता है उसको अदा करना हर नागरि‍क की जि‍म्मेदारी है और ऐसा नहीं करने वाले लोगों को बेहद गंभीर नतीजे भुगतने पड़े हैं. उन्होंने कहा कि बीते 70 सालों से हम लोग इसी सोच में जीते रहे कि सरकार से टैक्‍स की चोरी में कोई बुराई नहीं है. इसे कमर्शि‍यल स्‍मार्टनैस के तौर देखा जाता था. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था और ढांचा बनाने जा रही है जिससे कि लोग स्वयं कर अदा कर सकेंगे.
दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ पर कर लगाने की मंशा नहीं: जेटली
इससे पहले जेटली ने साथ ही ये भी स्पष्ट किया कि शेयरों की खरीद-फरोख्त में दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ पर कर आरोपित करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई के एक कार्यक्रम के भाषण के संदर्भ में जेटली ने कहा कि मोदी के भाषण की मीडिया में जो व्याख्या की गई, वह सही नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया, मीडिया के एक हलके ने उस भाषण की गलत व्याख्या की है और उसने यह अर्थ निकालना शुरू किया कि इसमें परोक्ष रूप से प्रतिभूतियों के कारोबार में दीर्घकालीन पूंजीगत लाभ पर कर आरोपित किए जा सकने का संकेत है. यह व्याख्या बिल्कुल गलत है. उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से ऐसा कोई बयान नहीं दिया, इसलिए मैं यह बिलकुल स्पष्ट करना चाहता हूं कि किसी के लिए इस निष्कर्ष पर पहुंचने का कोई आधार नहीं है क्योंकि प्रधानमंत्री ने ऐसा कुछ नहीं कहा है और ना ही सरकार की ऐसी कोई मंशा है जैसा कि मीडिया में कहा गया है.

Saturday, 24 December 2016

लोकरक्षक कॉन्स्टेबल OMR रीचेकिंग बाद ना फेरफार अंगे नु परिणाम

गुजरात पुलिस www.lrb2016.org पर कांस्टेबल Result 2016: गुजरात पुलिस 2016 परिणाम, पुलिस 2016 परिणाम, गुजरात Lokrakshak Result 2016, गुजरात एसआरपी कांस्टेबल Result 2016, गुजरात जेल सिपाही Result 2016, जेल सिपाही परिणाम, पुलिस भारती Result 2016।


www.lrb2016.org पर गुजरात पुलिस कांस्टेबल भारती Result 2016: यहाँ यह हर उम्मीदवार के लिए बहुत अच्छी खबर है कि गुजरात कांस्टेबल परिणाम 2016 availablewww.lrb2016.org और ojas.gujarat.gov.in वेबसाइट संभव के रूप में जल्द से जल्द है। गुजरात पुलिस ने भारती बोर्ड सफलतापूर्वक गुजरात में भारी केन्द्रों पर 23th अक्टूबर 2016 को लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया।
कॉन्स्टेबल OMR रीचेकिंग रिजल्ट के लिए

क्याप आप को टेक्स लगेगा या नहीं? कैसे जान सकते हे? ये हे सरल उपाय अब आपका पानकार्ड बताएगा आपको देखे स्ट्रेप्स बाय स्टेप

पैन कार्ड एक ऐसा कार्ड है, जिस पर लिखे कोड में व्यक्ति की पूरी कुंडली छुपी होती है। लेकिन, क्या कभी आपने ये सोचा है कि आखिर परमानेंट अकाउंट नंबर, यानी पैन नंबर में ऐसा क्या छिपा है, जो आपके और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के लिए जरूरी है। चलिए हम आपको पैन कार्ड और पैन नंबर से जुड़ी पूरी जानकारी देंगे। हम यह भी बताएंगे कि पैन कार्ड पर मौजूद नंबर का क्या मतलब होता है।पैन कार्ड पर कार्डधारक का नाम और डेट ऑफ बर्थ लिखी होती है, लेकिन पैन कार्ड के नंबर में आपका सरनेम भी होता है। पैन कार्ड की पांचवी डिजिट आपके सरनेम को दर्शाती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट कार्डधारक के सरनेम को ही मानता है। इसलिए नंबर में भी उसकी जानकारी होती है। लेकिन, टैक्स डिपार्टमेंट ये बात कार्डधारक को नहीं बताता कि उसकी पूरी कुंडली इन नंबरों में छिपी है।

आइए जानते हैं पैन कार्ड में दिए गए हर नंबर का क्या होता है मतलब-

पैन कार्ड नंबर एक 10 डिजिट का खास नंबर होता है, जो लेमिनेटेड कार्ड के रूप में आता है। इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उन लोगों को इश्यू करते हैं, जो पैन कार्ड के लिए अर्जी देते हैं। पैन कार्ड बन जाने के बाद उस व्यक्ति के सारे फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन डिपार्टमेंट के पैन कार्ड से लिंक हो जाते हैं। इनमें टैक्स पेमेंट, क्रेडिट कार्ड जैसे कई फाइनेंशियल लेन-देन डिपार्टमेंट की निगरानी में रहते हैं।

इस नंबर के पहले तीन डिजिट अंग्रेजी के लेटर्स होते हैं। यह AAA से लेकर ZZZ तक कोई भी लेटर हो सकता है। ताजा चल रही सीरीज के हिसाब से यह तय किया जाता है। यह नंबर डिपार्टमेंट अपने हिसाब से तय करता है।

पैन कार्ड नंबर का चौथा डिजिट भी अंग्रेजी का ही एक लेटर होता है। यह पैन कार्डधारी का स्टेटस बताता है।
इसमें-ये हो सकती है चौथी डिजिट...

P- एकल व्यक्ति
F- फर्म
C- कंपनी
A- AOP ( एसोसिएशन ऑफ पर्सन)
T- ट्रस्ट
H- HUF (हिन्दू अनडिवाइडिड फैमिली)
B-BOI (बॉडी ऑफ इंडिविजुअल)
L- लोकलJ- आर्टिफिशियल जुडिशियल पर्सन
G- गवर्नमेंट के लिए होता है

सरनेम के पहले अक्षर से बना पांचवा डिजिटपैन कार्ड नंबर का पांचवा डिजिट भी ऐसा ही एक अंग्रेजी का लेटर होता है। यह डिजिट पैन कार्डधारक के सरनेम का पहला अक्षर होता है। यह सिर्फ धारक पर निर्भर करता है। गौरतलब है कि इसमें सिर्फ धारक का लास्ट नेम ही देखा जाता है।इसके बाद पैन कार्ड में 4 नंबर होते हैं। यह नंबर 0001 से लेकर 9999 तक, कोई भी हो सकते हैं। आपके पैन कार्ड के ये नंबर उस सीरीज को दर्शाते हैं, जो मौजूदा समय में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चल रही होती है। इसका आखिरी डिजिट एक अल्फाबेट चेक डिजिट होता है, जो कोई भी लेटर हो सकता है।
पानकार्ड बताएगा आप टेक्स की नजरमे हे

Thursday, 22 December 2016

बिग न्यूज:- सीआरसी, बीआरसी नी प्रती नियुक्ति रद्द करवानो निर्णय केबिनेटे पण राख्यो यथावत सन्देश टीवी न्यूज रिपोर्ट

 बीआरसीसी और सीआरसीसी पद का मोह नहीं छूट रहा है़  प्रोन्नति के बाद इन सभी ने स्थानांतरित विद्यालयों में योगदान भी कर दिया लेकिन प्रभार ग्रहण नहीं कर बीआरसीसी और सीआरसीसी जैसे पद पर बने हुए है़ं   ठाकुरगंज  : राज्य शिक्षा शोध प्रशिक्षण परिषद् पटना के द्वारा बीआरसीसी और सीआरसीसी पदों पर चयन हेतु जारी मापदंड के अनुसार कोई भी प्रधानाध्यापक बीआरसी और सीआरसीसी पद पर प्रतिनियुक्त नहीं हो सकते़   बावजूद ठाकुरगंज प्रखंड में यह खेल चालू है़   प्रखंड के आला अधिकारियों के मनमाने रवैये के कारण प्रखंड में लगभग आधा  दर्जन ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें प्रधानाचार्य पद पर प्रोन्नत किया गया परन्तु इनका बीआरसीसी और सीआरसीसी पद का मोह नहीं छूट रहा है़  हालांकि डीइओ मो ग्यासूदीन इस बात को गलत बताते हैं.  इस मामले के बाबत सवाल पूछे जाने के बाद उन्होंने कहा की इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर उन्हें विरमित  कर दिया जाएगा़   बताते चलें कि हाल ही में किशनगंज जिले के 136 प्राथमिक शिक्षकों को  एमए  प्रशिक्षित पद पर प्रोन्नत कर विभिन्न मध्य विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर पदस्थापित किया गया़     इसके पूर्व इन विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक से ही काम चलाया जा रहा था़  इन प्रोन्नत शिक्षको में से दर्जनों शिक्षक प्रोन्नति के पूर्व से ही बीआरसीसी (बीआरपी) और सीआरसी सी पद पर प्रतिनियुक्त है़   प्रोन्नती के बाद इन सभी ने स्थानांतरित विद्यालयों में योगदान भी कर दिया लेकिन विद्यालय प्रभार ग्रहण नहीं करके पूर्व की भांति अपने बीआरसीसी (बीआरपी) और सीआरसीसी जैसे पद पर बने हुए है़ं   सबसे बड़ा सवाल जिले के डीपीओ दो  एवं प्राचार्य डाइट पर उठ रहे है प्रोन्नति के एक माह हो गए़  अब तक इनके द्वारा इन शिक्षकों को विद्यालय में योगदान का आदेश क्यों नहीं दिया जा रहा और इस विभागीय लापरवाही और एनसीईआरटी के गाइड लाइन का खुला उल्लंघन के कारण प्रोन्नति के उपरान्त बढ़े हुए वेतन का भी लाभ इन्हें मिल रहा है़


रिलायंस कोम्युनिकेशन 11 हजार करोड़ में कनाडा की कंपनी को बेचा , JIO भी नहीं बचा पाया रिलायंस को

मुकेश अंबानी के छोटे भाई अनिल के दिन इस समय ठीक नहीं चल रहे हैं। एक तरफ जहां बड़े भाई की कंपनी जियो टेलिकॉम की दुनिया में कामयाबी के झंडे गाड़ रही हैं तो दूसरी तरफ छोटे भाई की कंपनी की बिकने की नौबत आ गई है। खबरों के मुताबिक अनिल अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) टावर बिजनेस कनाडा की ब्रुकफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेचेगी।
डील से आरकॉम को 11,000 करोड़ रुपए मिलेंगे। इसका इस्तेमाल वह कर्ज लौटाने में करेगी। कंपनी पर करीब 44,000 करोड़ का कर्ज है। डील के लिए रेगुलेटर्स की मंजूरी लेनी पड़ेगी।
ब्रुकफील्ड के साथ डील में आरकॉम को टावर कंपनी के 49% शेयर भी मिलेंगे। लेकिन ये ‘बी’ क्लास यानी नॉन-वोटिंग शेयर होंगे। इनके आधार पर आरकॉम को वोटिंग या मैनेजमेंट में कोई अधिकार नहीं होगा। ब्रुकफील्ड इन्फ्रा एक इन्वेस्टमेंट कंपनी है। भारत में किसी विदेशी इन्वेस्टमेंट कंपनी का यह सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट होगा।
रिलायंस कम्युनिकेशंस ने अक्टूबर में ब्रुकफील्ड को अपना टावर बिजनेस बेचने का एलान किया था। मंगलवार को फिच रेटिंग्स ने आरकॉम की रेटिंग घटा दी थी। रेटिंग एजेंसी ने कहा था कि एयरसेल के साथ ज्वाइंट वेंचर और टावर बिजनेस बेचने का प्रस्ताव कर्जदाताओं के लिए ‘निगेटिव’ है। रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा कि एयरसेल के साथ मर्जर और टावर बिजनेस को बेचने से कंपनी का कर्ज 31,000 करोड़ रुपए कम हो जाएगा। यह रकम कुल कर्ज का करीब 70% है।

क्या आप घर बैठे अपना इलेक्शन कार्ड नया निकालना चाहते हे? कैसे निकाल पाएंगे जाने सम्पूर्ण प्रोसेस यहासे

जैसे कि सब जानते हैं कि विधानसभा चुनावों का समय नजदीक आ गया है। एेसे में वोट डालना भारतीय नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। लेकिन हम यह कर्तव्य बिना वोटर कार्ड के नहीं निभा सकते। वोटर कार्ड आपकी पहचान है। भारत का नागरिक होने के नाते प्रत्येक व्यक्ति के पास वोटर कार्ड होना अत्यंत आवश्यक है। लेकिन जिन लोगों के पास अभी तक वोटर आईडी कार्ड नहीं है, उन लोगों को घबराने की जरुरत नहीं। आप घर बैठे हीलैपटॉप या समार्टफोन से अपना कलर वोटर आईडी कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ कुछ स्टेप्स फॉलो करने होंगे।

चुनाव आयोग की बेबसाइट पर करें रजिस्‍ट्रेशन
वोटर आईडी कार्ड बनवाने से पहले आपके पास पर्सनल ई मेल आईडी और मोबाइल नंबर होना चाहिए। जिससे चुनाव आयोग को आप से संपर्क करने में आसानी होगी। कभी भी ऑफिस की मेल आईडी आप ना दें। सबसे पहले आप को चुनाव आयोग की बेबसाइट http://www.nvsp.in पर जाना होगा। यहां न्‍यू रजिस्‍ट्रेशन के ऑप्‍शन पर क्लिक करना होगा।
ऑप्‍शन पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक पेज खुलेगा जिसपर आप अपनी सभी जानकारी को सावधानीपूर्वक भरें। वोटरआईडी कार्ड बहुत ही महत्‍वपूर्ण होता है। इसलिए कोई भी गलत जानकारी भरने से बचें। गलत जानाकरी देने पर चुनाव आयोग आप को जेल भी भेज सकता है। इसमें आप को कलर पार्सपोर्ट साइज फोटो जो व्‍हाइट बैकग्राउंड में होनी चाहिए वो भी अपलोड करनी होगी।
फॉर्म सेव करने के बाद आप इसको सबमिट करेंगे। सबमिट करने के 15 दिन बाद तक आप अपनी डिटेल्‍स में चेंज कर सकते हैं। आप अपने वोटर आईडी कार्ड एप्‍लीकेशन का स्‍टेटस भी ऑनलाइन भी चेक कर सकते हैं। जानकारी देने के बाद चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्‍त आपके एरिया का बूथ लेवल ऑफीसर बीएलओ आपके घर पर आएगा। जिन डॉक्‍यूमेंट्स को आप ने अपलोड किया है उनको चेक करेगा। इन डाक्‍यूमेंट्स की हार्ड कापी को वेरीफाई करने के लिए लेजाएगा। इसके बाद एक महीने के अंदर पोस्‍ट द्वारा आपके घर वोटर आईडी कार्ड पहुंच जाएगा।
वोटर आईडी कार्ड के लिए आपको एड्रस प्रूफ और आईडी प्रूफ में अलग अलग डॉक्‍यूमेंट्स की कॉपी अपलोड करनी पड़ेगी। इसके लिए आप पासपोर्ट, दसवीं की मार्कशीट, बर्थ सर्टिफिकेट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोन पानी बिजली गैस का बिल, इनकम टैक्‍स का फार्म 16 आदि में से किन्‍हीं दो डॉक्‍यूमेंट्स की स्‍कैन कॉपी को अपलोड करना होगा।

धोरण 10 अने 12 नि परीक्षा 13 मार्च पछि शरू थाय तेवि शक्यता:- न्यूज रिपोर्ट

12वीं बोर्ड की परीक्षा एक ओर जहाँ ख़त्म हो जाती है। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव अब बढ़ जाता है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं की आवेदन प्रक्रिया जारी हो जाती है, जिनके लिए 12वीं पास विद्यार्थी ही नहीं, 12वीं की परीक्षा की तैयारी में जुटे विद्यार्थी भी आवेदन कर सकते हैं।
इनमें कुछ परीक्षाएं ऐसी हैं, जिनके लिए किसी भी स्ट्रीम के विद्यार्थी योग्य हैं, जबकि कुछ के लिए किसी खास स्ट्रीम के विद्यार्थी ही आवेदन कर सकते हैं। जिन परीक्षाओं के लिए किसी भी स्ट्रीम के विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं, उनमें प्रमुख हैं- नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (एनसीएचएमएटी) जेइइ परीक्षा और कॉमन लॉ एंट्रेंस टेस्ट (क्लैट) की परीक्षा। इनके लिए आवेदन कर रहे विद्यार्थी बोर्ड परीक्षाओं के साथ ही इनकी तैयारी कर सकते हैं।
एनसीएचएमएटी जेइइ 
    यह ज्वॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेइइ) नेशनल काउंसिल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी और इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित होता है। इसके माध्यम से 21 केंद्रीय संस्थानों, राज्य सरकारों के 14 और होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने वाले 15 निजी संस्थानों में प्रवेश मिलता है।
    योग्यता : किन्हीं पांच विषयों के साथ 12वीं की परीक्षा पास करनेवाले या बोर्ड परीक्षा में बैठ रहे विद्यार्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। जिस वर्ष आवेदन मांगे जाते हैं उस वर्ष में सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों की अधिकतम उम्र 22 वर्ष होनी चाहिए।
    कैसे करें आवेदन : इस परीक्षा के लिए आवेदन ऑनलाइन करना होता। भरे हुए आवेदन पत्र परीक्षा आयोजित करने वाले संबंधित संस्थान के पते पर भेजें जाते हैं। जैसा कि छात्र जानते हैं कि प्रतिवर्ष क्रमानुसार विभिन्न आइआइटी द्वारा इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है।
    परीक्षा पैटर्न : परीक्षा तीन घंटे की होती, जिसमें 200 अंकों के प्रश्न आते हैं। इसमें 0.25 अंकों की निगेटिव मार्किग भी होती है। परीक्षा में पांच भाग होते है। न्यूमेरिकल एबिलिटी और साइंटिफिक एप्टीट्यूट, रीजनिंग एंड लॉजिकल डिडेक्शन और जनरल नॉलेज एंड करेंट अवेयरनेस से 30-30 प्रश्न पूछे जाते हैं। इंगलिश लैंग्वेज से 60 और एप्टीट्यूड फॉर सर्विस सेक्टर से 50 प्रश्न पूछे जाते हैं। दिया गया पैर्टन परिवर्तित भी हो सकता है नवीनतम सूचना प्राप्त करने के लिए विभिन्न समाचार माध्यम से जानकारी प्राप्त करते रहें और विकासपीडिया भी आपको इस विषय पर अद्यतन जानकारी यहां पर पोस्ट करेगा। आप चाहे तो आइआइटी संस्थानों की वेबसाइट पर जाकर जानकारी ले सकते हैं।

    अमेजिंग न्यूज:- 500 रुपये की नॉट की क्वॉलिटी खराब देखे याहा सिर्फ एक धुलाई में 500 की नॉट की क्या हालात हुई


    पांच सौ की नई करेंसी की क्वालिटी को लेकर ऐसी चौंकाने वाली बात सामने आई है जिसे जानकर आपके होश उड़ जाएंगे।

    यह वाकया तब हुआ जब एक व्यक्ति भूलवश पांच सौ की नई करेंसी का नोट पैंट की जेब में रखकर भूल गया और वह पैंट धुलने के लिए धुलाई मशीन में चली गई।

    धुलाई मशीन से निकलकर जब पैंट बाहर आई तो जो नोट की जो तस्वीर सामने आई उसने पांच सौ ने नए नोट की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल उठा दिया है। पांच सौ के नए नोट का रंग उतर गया था। नोट पर अंकित गांधी जी और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और अन्य अक्षर धुंधले हो चुके थे। 

     ऋषिकेश के हरिधाम कॉलोनी, वीरभद्र निवासी पिंकेश सैनी ने जब धुलाई के बाद नोटों की यह हालत देखी तो वह बिल्कुल हैरान रह गए। वहीं, पैंट में पड़े सौ रुपये के नोट बिल्कुल सही हालत में मिले हैं।

    पिंकेश सैनी ने बताया कि गलती से उनकी पैंट की जेब में पांच सौ का नया नोट व कुछ सौ के नोट छूट गए थे। वाशिंग मशीन धुलाई के बाद पांच सौ के नोट की सूरत बिल्कुल बदल गई है। इसके बावजूद सौ रुपये के सभी नोट सही हालत में मिले। पांच सौ के नोट पर अंकित अक्षर आदि सबकुछ काफी धुंधला हो चुका है।

    दावे के अनुसार पुराने पांच सौ के नोट के मुकाबले नया नोट काफी सुरक्षित है, लेकिन पिंकेश सैनी के सामने अब धुंधले हो चुके पांच सौ के नोट को चलाने की चुनौती है। पिंकेश सैनी का कहना है कि उनका पांच सौ रुपये का नया नोट कोरा कागज की तरह हो गया है।
    • नोट में महात्मा गांधी और लाल किले की तस्वीर है. ये 66 मिलीमीटर चौड़ा और 150 मिलीमीटर लंबा है.
    • ये नया नोट पत्थर की तरह स्लेटी रंग का है और इस पर स्वच्छ भारत अभियान का लोगो भी है.
    • नोट को टेढ़ा करने पर सुरक्षा लाइन हरे रंग से नीले रंग की हो जाती है.
    • नोट की क्रमांक संख्या में अंकों का साइज़ बाईं से दाईं और बढ़ता है.
    • इस नोट पर दाईं और बाईं दोनों ओर पांच मोटी लाइनें हैं.
    • इसके अलावा नारे के साथ स्वच्छ भारत के लोगो को भी जगह दी गई है.
    • दाईं तरफ़ देवनागरी में 500 रुपए लिखा है.
    • महात्मा गांधी की तस्वीर की जगह भी इसमें बदल दी गई है.
    • पांच सौ रुपए के बराबर में नोट की छपाई का साल भी लिखा गया है.
    • गारंटी क्लॉज और रिज़र्व बैंक गवर्नर के दस्तख़त भी दाईं ओर सरका दिए गए हैं.

    RBI का यू टर्न अब 5000 रुपये जमा करने पर भी कोई पूछताछ नहीं होगी 30 दिसम्बर तक पढ़े

    पुराने नोट जमा कराने पर पूछताछ को लेकर चौतरफा घिरे भारतीय रिजर्व बैंक ने आज मामले में यू-टर्न लिया। आरबीआई ने कहा कि अपने ग्राहक को जानो (केवाईसी) अनुपालन वाले खाताधारक 30 दिसंबर तक 5,000 रुपये से अधिक के पुराने नोट एक बार में या कई बार में जमा करा सकेंगे, उनसे कोई सवाल नहीं पूछा जाएगा।
    इससे पहले केंद्रीय बैंक ने कहा था कि 30 दिसंबर तक 5,000 रुपये से अधिक के पुराने नोट सिर्फ एक बार जमा कराए जा सकेंगे और इसके लिए भी ग्राहक को कारण बताना होगा कि वह पहले क्यों ऐसा नहीं कर पाए। दो बैंक अधिकारी इस संबंध में उससे पूछताछ करेंगे। अब ऐसे ग्राहकों से बैंक अधिकारी यह सवाल नहीं करेंगे कि पहले वे ये नोट जमा क्यों नहीं करा पाए।
    500 और 2000 के नए नोटों के बाद अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 20 और 50 के नए नोट छापेगी. जल्द ही 20 और 50 के नए नोट जारी किए जाएंगे. आरबीआई की वेबसाइट पर जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक जल्द ही रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया 2005 की महात्मा गांधी सीरीज में 50 के नोट जारी करेगी.
    50 के नए नोटों पर RBI गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे. नोट पर प्रिंटिंग का साल 2016 होगा. प्रेस रिलीज में स्पष्ट किया गया है कि पुराने 50 और 20 के नोट मान्य रहेंगे.
    आपको बता दें कि 20 के नोट पर भी RBI गवर्नर उर्जित पटेल के हस्ताक्षर होंगे और नोट पर प्रिंटिंग का साल 2016 होगा.
    गौरतलब है कि 8 नवंबर को मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद से ही बाजार में छोटे नोटों की किल्लत है. माना जा रहा है कि सरकार ने यह फैसला छोटों नोटों की कमी को दूर करने के लिए किया है.