Thursday, 8 December 2016

कोई पैन बैंक1 ना खाता माँ मात्र मिसकॉल करीने खातानु बेलेंस अने मिनी स्टेटमेंट माटे ना नंबर मात्र 1 पेज मा

भारत में 23 अगस्त 2015 को बंधन बैंक खुला तो गरीब तबके में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ, क्योंकि यह ऊर्जा गरीब व मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थ‍िक क्षेत्र में नई दिशा दिखाने जा रहा है। क्या है बंधन बैंक, यह बैंक किस प्रकार की सेवाएं देता है और इसका इतिहास-भूगोल क्या है, इन सब पर बात करने से पहले आपको बता दें कि यह पूर्वी भारत का पहला बैंक है, जिसके आरबीआई की मान्यता प्राप्त है।
बंधन बैंक का इतिहास
बंधन बैंक की स्थापना देश की सबसे बड़ी माइक्रोफाइनेंस कंपनी बंधन ने की। बंधन की नीव इसके चेयरमैन व संस्थापक चंद्रशेखर घोष ने 2001 में रखी थी। इसका मकसद लघु उद्योग लगाने वालों को वित्तीय सहायता प्रदान करना था। और इसी मकसद के साथ अब बंधन बैंक की स्थापना की गई है।
बंधन माइक्रोफाईनेंस ने शुरुआत में महिलाओं को सशक्त बनाने का काम किया और छोटे-छोटे उद्योग लगाने में महिलाओं को विशेष वित्तीय सुविधाएं प्रदान कीं। देखते ही देखते यह कंपनी देश के 22 राज्यों में फैल गई। 2014 तक बंधन माईक्रोफाइनेंस कंपनी के पोर्टफोलियो में 8000 करोड़ का लोन आ गया और इसकी महिला ग्राहकों की संख्या 67 लाख हो गई। और तो और इस कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 13 हजार तक पहुंच गई और 2022 शाखाएं खुल गईं।
कंपनी से बना बंधन बैंक
अब यही बंधन माइक्रोफाईनेंस कंपनी बंधन बैंक बन गई है। देश के 27 राज्यों में 600 शाखएं हैं और 250 एटीएम। यह शहरी, ग्रामीण और कस्बों के लोगों को बैंकिंग सेवाएं मुहैया कराती है। अभी तक जो बंधन रोजगार के लिये वित्तीय सेवाएं प्रदान कर रही थी, वही बंधन बैंक बनने के बाद श‍िक्षा, स्वास्थ्य समेत कई अन्य क्षेत्रों में विकास के लिये वित्तीय सेवाएं देगा।
बंधन बैंक के चेयरमैन का नाम अशोक लाहिरी हैं जो भारत सारकार के मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार भी रह चुके हैं। इस बैंक में 400
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