Monday, 12 December 2016

तमाम औरत के लिए महत्वपूर्ण समाचार लॉन्च हो रही हे घडी जो रक्षा करेगी आपकी जरूर पढ़े

स्त्री सुरक्षा होगी अब घडी से
प्राचीन युग के बहुत समय पहले परिवार माता के नाम से जाना जाता था और उस समय परिवार का मुखिया पिता नहीं बल्कि माता हुआ करती थी! लेकिन जैसे जैसे समय गुजरता गया और धीरे धीरे नियम भी बदल गया और आज के समय में घर का मुखिया एक आदमी होता है! लेकिन हम ये भी कह सकते है! नारी को लोग आज भी पूजते है! आज से 3 हजार साल पहले बैदिक युग में महिला को उच्च सामाजिक अधिकार प्राप्त थे! 

उस समय में उनको बैदिक मंत्रो को पढने के साथ साथ वेद मंत्रो की रचना करने का भी अधिकार था! इसलिए आज हम बात को मान सकते है! की कोई भी धार्मिक कार्य एक महिला के बिना नहीं पूरा हो सकता है! पुराने जबाने में महिला घर का काम करने के साथ साथ राज्य प्रबंध का भी काम करती थी! और कभी कभी युद्ध के मैदान में भी पुरुषो का साथ देती थी! 

समय के साथ साथ परिस्थितिया और सामाजिक परिवेश भी बदलता गया! इसके साथ साथ आचार विचार में भी परिवर्तन होते रहे! देश में अनेक सामाजिक, धार्मिक, और राजनैतिक क्रांति हुई! इसलिए प्राचीन जबाने के नियम धीरे धीरे बदलते गए और नये नये नियम बनते गए! और इसका ये फर्क हुआ की मध्य युग आते आते महिला की सामजिक स्थिथि में बहुत ही कमी आ गयी! 

आदर के नाम पर नारी केवल मनोरंजन का वस्तु बन कर रह गई! जब भारत पर विदेशी यवनों ने हमला करके अपने राज्य की स्थापना की उसके बाद देश की सभ्यता पर संकृत पर बहुत ही गहरा प्रभाव पढ़ा! और उसके बाद जब भारत में मुस्लिमो में अपना सासन स्थापित किया उसके बाद  नारी (nari) जाति का आधा पतन हो गया! और उनकी आजादी घर के दीवारों तक ही रह गयी! साहित्य और समाज में वह मनोरंजन का साधन और घर में दासी बन कर रह गई! विचार कितने बदल गए उसके लिया कबीरदास का एक दोहा प्रयाप्त है!
स्त्री सुरक्षा होगी अब घडी से

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