अगर आपको भी ऐसा लगता है तो आप गलत हैं, क्योंकि आपसे सच्चाई छुपाई जा रही है। अगर आप भी पूरी सच्चाई जान लेंगे तो आपका यह भ्रम दूर हो जायेगा कि इस योजना से देश को नुकसान होने वाला है।
यह सच्चाई आपको कोई मीडिया चैनल नहीं बताएगा। पहले ही कहा जा चुका है कि इस विमुद्रीकरण का फायदा आम जनता को अभी नहीं देखने को मिल रहा है। लेकिन यह देश के लम्बे समय के आर्थिक विकास के लिए बहुत ही अच्छा है। इससे आने वाले समय में देश में सुख और समृद्धि ही आएगी। आइये हम आपको 15 ऐसे तथ्यों से रूबरू करवाते हैं जिसे जानने के बाद आप समझ जायेंगे कि इससे देश को फायदा हो रहा है।
15 तथ्य जो आपकी आँखें खोल देंगे:
1- जाली नोटों का चलन, इस कदम से 100% ख़त्म हो जायेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा और देश की अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी। इसका असर कुछ हद तक दिखना शुरू भी हो गया है, लेकिन मीडिया और भ्रष्ट नेता इस बात को नहीं समझ रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे उन्हें किसी बाहरी ताकत ने घेर रखा है।
2- पैसे की वजह से जो अशांति फैलती थी, वह रुक गयी है। इससे पहले कितनी आतंकी घटनाएँ सुनने को मिलती थी, अब सभी बंद हो गयी हैं। देश के आतंकी, नक्सली और जिहादी ठंढे पड़ चुके हैं।
3- हवाला के जरिये जो पैसा नक्सालियों, आतंकियों और जिहादियों तक पहुँचता था, उसपर लगाम लग गयी है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार उनको पैसा मिलना बंद हो गया है। जैसा कि हम सभी जानते हैं, इस घोषणा के बाद कश्मीर में शांति का माहौल बरक़रार है। अगर एक बार पूरी तरह से आतंकियों को पैसा मिलना बंद हो जाए तो घाटी में फिर से शांति आ सकती है।
4- कश्मीर में हालात सामान्य हो रहे हैं। वहाँ पर फिर से स्कूल खुलने लगे हैं, दुकाने जो कई दिनों से बंद पड़ी थीं, अब शुरू हो चुकी हैं। लोग फिर से खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पत्थारबाजों में भी भारी कमी आयी है।
5- बैंक ने हॉस्पिटल्स के लिए मोबाइल एटीएम शुरू किये हैं, जिससे मरीजों को पैसा निकालने के लिए कहीं और ना जाना पड़े।
6- जन- धन अकाउंट अब पैसे से भरने लगे हैं। सरकार ने यह योजना इसी लिए शुरू की थी कि, लोग बचत करना सीखें और अपने भविष्य के लिए कुछ बचत कर सकें। जब से विमुद्रीकरण हुआ है, लोग अपने अकाउंट में पैसे जमा कर रहे हैं। लोग अब बैंक जाने लगे हैं। देश में तो कई ऐसे लोग भी हैं जो, इस योजना की वजह से पहली बार बैंक जा रहे हैं। इस योजना से कम से कम वो जागरूक तो हो गए हैं।
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