Tuesday, 13 December 2016

फिक्स पगार ना कर्मचारी ने वाँचवा लायक:- उत्तर प्रदेश में सभी कर्मचारिको अब 18 हजार से कम नहीं होगी सैलरी, देखें कैसे होगी वेतन वृद्घि

सातवे वेतनआयोग की मिनिमम सेलेरी के बारेमे
राज्य वेतन समिति की सिफारिशों पर प्रदेश कैबिनेट की मंजूरी के बाद राज्य कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तरह फायदा मिलेगा। सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर लिए गए निर्णय के आधार पर लागू वेतन मैट्रिक्स, वेतन निर्धारण, पदोन्नति पर वेतन निर्धारण व वार्षिक वेतनवृद्धियों की व्यवस्था स्वीकार की है।

साथ ही तय किया है कि राजकीय पेंशनरों को पेंशन, ग्रेच्युटी, पेंशन राशिकरण, पारिवारिक पेंशन, महंगाई राहत आदि एक जनवरी से उसी तरह दी जाएंगी जैसे केंद्र सरकार द्वारा अपने पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को दी गई है।
10, 16, 26 साल पर मिलती रहेगी एसीपी
प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मियों को पुनरीक्षित वेतनमानों में 10 वर्ष, 16 वर्ष व 26 वर्ष की सेवा पर सुनिश्चित कॅरिअर प्रोन्नयन (एसीपी) का लाभ मिलेगा। वर्तमान में मिल रहे विभिन्न प्रकार के भत्ते व सुविधाएं नए वेतनमानों में पुरानी दरों पर मिलती रहेंगी। केंद्र सरकार ने अभी तक भत्तों के बारे में निर्णय नहीं किया है। लिहाजा प्रदेश भी इस पर अभी विचार नहीं कर पाया है।
इन्हें शर्तों के साथ लाभ
नगरीय स्थानीय निकायों, जल संस्थानों, जिला पंचायतों, विकास प्राधिकरणों के कार्मिकों को नई वेतन मैट्रिक्स, वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतन वृद्धि व महंगाई भत्ते आदि का लाभ राज्य कर्मचारियों की तरह मिलेगा। लेकिन इसके लिए वर्तमान में दी जा रही राशि के अलावा सरकार कोई अतिरिक्त सहायता नहीं देगी।
स्वशासी संस्थाओं व सार्वजनिक उपक्रमों, निगमों के कर्मियों को भी नई वेतन मैट्रिक्स, वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतन वृद्धि व महंगाई भत्ते आदि का लाभ राज्य कर्मचारियों की तरह मिलेगा। लेकिन वेतन व भत्तों आदि के मद में जितने प्रतिशत का अंश दिया जा रहा है, उसमें कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
सार्वजनिक उपक्रमों व निगमों के कार्मिकों को नई वेतन मैट्रिक्स, वेतन निर्धारण, वार्षिक वेतन वृद्धि व महंगाई भत्ते आदि का लाभ राज्य कर्मचारियों की तरह मिलेगा। लेकिन सार्वजनिक उद्यम विभाग द्वारा पूर्व में निर्धारित शर्तों व प्रतिबंधों का पालन करते हुए दिया जाएगा। इसके लिए राज्य सरकार कोई अतिरिक्त सहायता नहीं देगी।
ऐसे सार्वजनिक उपक्रम व निगम जो लाभ की स्थिति में हैं, उन्हें राज्य कर्मियों के समान महंगाई भत्ता देने के लिए सार्वजनिक उद्यम विभाग की शर्त को शिथिल किया जाएगा। (आगे देखें, सातवें वेतन आयोग के मुताबिक राज्यकर्मियों की पे-मेट्रिक्स)







देखें, पे-मैट्रिक्स।



24 से 40 तक इंडेक्स यहां देखें...।


इस तरह होगी वृद्घि...।


नया वेतनमान- 90,000*2.57= 2, 31,300
मैट्रिक्स में इस लेवल पर फिक्स वेतन: 2,50,000 रुपये।
नया वेतन= 2,50,000
लाभ= 2,50,000- 90,000= 1,60,000 रुपये।

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