2016 को अपने कार्यकाल के दो बहुमूल्य साल पूरे कर लिए हैं. आकांक्षाओं, अपेक्षाओं, विकास के दावों और विपक्ष से लगातार तकरार के बीच जिन मुद्दों पर सरकार को घेरा गया, उनमें एक प्रमुख मुद्दा यह भी रहा कि सरकार पिछली यानी यूपीए सरकार की योजनाएं की ही री-पैकेजिंग कर रही है.
हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मौकों पर इस बाबत विपक्ष पर पलटवार भी किया. उन्होंने कहा, 'अगर कोई पुरानी और अच्छी योजना पहले से मौजूद हैं तो नई योजना बनाने और उसके कियान्वयन में समय देने से अच्छा है कि पुरानी योजना को ही और बेहतर बनाकर सामने लाया जाए.'
विपक्ष और सरकार के बीच तकरार का यह दौर नया नहीं है. लेकिन इन दो वर्षों में योजनाओं के बूते जनता को क्या कुछ मिला, यह जानना भी बेहद जरूरी है. तो आइए एक नजर डालते हैं मोदी सरकार द्वारा 24 महीनों में लाई गई 24 योजनाओं और उनसे जनता को मिलने वाले लाभ पर-
1) डिजिटल इंडिया
- प्रधानमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक 'डिजिटल इंडिया' की शुरुआत 21 अगस्त 2014 को हुई.
- प्रधानमंत्री की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक 'डिजिटल इंडिया' की शुरुआत 21 अगस्त 2014 को हुई.
- इस अभियान का मकसद भारत को एक इलेक्ट्रॉनिक अर्थव्यवस्था में बदलना है.
- सरकार की मंशा है कि सभी सरकारी विभाग और भारत की जनता एक दूसरे से डिजिटल रूप से या इलेक्ट्रॉनिक तौर पर जुड़ें ताकि प्रभावी प्रशासन चलाया जा सके.
- इसका एक लक्ष्य कागजी कार्रवाई कम से कम करके सभी सरकारी सेवाओं को जनता तक इलेक्ट्रॉनिकली पहुंचाना है.
- सबसे महत्वपूर्ण यह कि इसके तहत देश के सभी गांवों और ग्रामीण इलाकों को इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ना है.
- डिजिटल भारत के तीन प्रमुख घटक बताए गए हैं- डिजिटल बुनियादी सुविधाएं, डिजिटल साक्षरता और सेवाओं का डिजिटल वितरण.
- सरकार का मत है कि ऐसा करने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी, जिससे लाल फीताशाही का खात्मा होगा.
- सरकार ई-गवर्नेंस और ई-क्रांति के जरिए तकनकी के माध्यम से जनता के कामकाज का जल्द से जल्द निस्तार करना चाहती है.
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