नोटबंदी का असर सराफा बाजार पर ज्यादा हुआ है। शादियों का सीजन होने के बाद भी सोना-चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। पुराने नोटों से इन बहुमूल्य धातुओं की खरीदारी करने पर आयकर विभाग की कड़ी नजर है और नई करेंसी लोगों के पास कम है, इसी कारण ऐसा हो रहा है। सोना-चांदी के दामों में कमी के बाद भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। नोटबंदी यानि 9 नवंबर से पहले लश्कर, उपनगर ग्वालियर-मुरार के सराफा बाजार में दैनिक कारोबार आठ करोड़ रुपए हुआ करता था जो अब घटकर दो करोड़ रुपए रह गया है।
- नोटबंदी से लेकर अब तक सराफा बाजार में सोना स्टैंडर्ड 2700 रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है।
- सोना स्टैंडर्ड 8 नवंबर को 30 हजार 900 रुपए प्रति दस ग्राम बिका था, अब कीमत 28 हजार 200 रुपए रह गई है। 22 कैरेट वाला जेवराती सोना 2200 रुपए प्रति 10 ग्राम तक घट चुका है।
- - इसी तरह चांदी 43 हजार 800 रुपए से घटकर 41 हजार 800 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। चांदी के दाम 2000 रुपए प्रति किलो कम हुए हैं।
पुरानी करेंसी से खरीदा सोना बाजार में आएगा
सरकार ने सोना रखने की लिमिट तय कर दी है। जैसे ही रुपए जमा करने की अंतिम तारीख 30 दिसंबर खत्म होगी और कालेधन से खरीदा गया सोना व्हाइट मनी में तब्दील होने बाजार में आएगा तो भाव और घटकर 27 हजार रुपए के स्तर तक आने की संभावना एक्सपर्ट बता रहे हैं।
मशीन में जमा नहीं हो रही है नई करेंसी
- कैश डिपॉजिट करने के लिए लगने वाली लंबी-लंबी कतारों को कम करने बैंकों ने शहर में 35 कैश डिपॉजिट मशीन(सीडीएम) लगाई हैं। हर मशीन की डिपॉजिट क्षमता डेढ़ करोड़ रुपए के आसपास है।
- इनमें 500 और 2000 रुपए के नए नोट जमा नहीं हो रहे हंै। सीडीएम में 100 रुपए, पुराने 500 और 1000 रुपए के नोट ही जमा हो रहे हैं।
- एसबीआई के रीजनल मैनेजर अवधेश सक्सेना ने कहा, इनमेंं नए नोटों का स्लॉट 30 दिसंबर के बाद लाया जाएगा।
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