यह पोस्ट पढ़कर आप समझ जाएंगे कि नोटबंदी के पीछे बहुत ही टैलेंटेड लोगों का दिमाग चल रहा है, यह टीम कालेबाजारियों की एक एक गतिविधि से वाकिफ है और उनकी सभी चालों को फेल करती जा रही है। एक योजना के अंतर्गत ही अभी तक 500 रुपये के नोट नारी नहीं किये गए, अगर ये नोट जारी कर दिए गए होते तो मोदी सरकार का पूरा काम खराब हो गया होता और नोटबंदी फेल भी हो जाती लेकिन अब नोटबंदी को कोई भी फेल नहीं कर सकता।
भारत पूरी तरह से भ्रष्टाचार के खून में रंगा हुआ है, पिछले कुछ दिनों की ख़बरें देखकर ऐसा लग रहा है कि सबसे ज्यादा भ्रष्ट बैंक हैं जिसमें लोगों का पैसा जमा रहता है। नोटबंदी के बाद कालेधन के चोरों ने बैंक मैनेजरों से मिलकर कालाधन सफ़ेद करना शुरू कर दिया। हजारों लाखों बैंक मैनेजर कालेधन को सफ़ेद करने में लगे हुए हैं और इस काम के लिए ये लोग कमीशन ले रहे हैं। कई बैंक मैनेजर पकडे भी जा रहे हैं। एक तरह से चोर बैंक मैनेजरों की छंटनी चल रही है। चोर बैंक मैनेजरों की पहचान उन्हें बैंकिंग सिस्टम से बाहर किया जा रहा है।
हजारों बैंक मैनेजर कालेधन को सफ़ेद तो कर रहे हैं लेकिन 100 रुपये के नोटों में कैश होने की वजह से अधिक कालेधन को सफ़ेद नहीं कर पा रहे हैं, जहाँ तक सवाल 2000 हजार रुपये के नोटों का है तो इन नोटों की कालाबाजारी करने वाले लोग पकडे भी जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि इन नोटों में जरूर कोई ना कोई टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की गयी है क्योंकि जहाँ भी नोटों के बण्डल इकठ्ठे दिखाई देते हैं, इनकम टैक्स अफसर वहां पर छापा मारकर उन नोटों को जब्त कर लेते हैं। ऐसा लगता है कि चोरों को पकड़ने के लिए ही 2000 रुपये के नोट छापे गए हैं।
अब 500 रुपये के नोटों की बात करते हैं, इन्हीं नोटों का कालेधन वाले और कमीशनखोर बैंक मैनेजर इन्तजार कर रहे हैं, अभी जितना भी कालाधन है उसका 80-90 फ़ीसदी 500 रूपये के नोटों में है। कमीशनखोर बैंक मैनेजर 500 रुपये के नोटों का इन्तजार कर रहे हैं ताकि कालेधन चोरों से साठ गाँठ करके उनसे कमीशन लेकर उनके कालेधन को सफ़ेद करें। कालेधन के चोर भी 500 रुपये के नोटों का इन्तजार कर रहे हैं। वे भी सोच रहे हैं कि 500 रुपये के नोट आयें तो हम अपने दलाल बैंक मैनेजरों से मिलकर अपना कालाधन सफ़ेद करें। 2000 रुपये के नोट लेने से वे डर रहे हैं क्योंकि उसमे चिप लगी हुई है और 100 रुपये के नोट छिपाने में समस्या होगी और उन्हें ट्रक में ले जाना पड़ेगा।
जैसे जैसे 30 दिसम्बर की तारीख नजदीक आती जा रही है, दलाल बैंक मैनेजरों और कालेधन चोरों की धडकनें बढ़ती जा रही हैं, अगर 500 रुपये के नोट आ जाते तो ये लोग अपना कालाधन सफ़ेद कर लेते, मोदी सरकार भी चालाकी दिखा रही है, वे भी ऐसे ही चोर बैंक मैनेजरों की धर पकड़ कर रहे हैं। चोरों की छटनी चल रही है। जैसे जैसे 30 दिसम्बर की तारीख नजदीक आती जाएगी इन चोरों की धडकनें बढ़ती जाएंगी।
आपको बता दें कि पिछले एक हफ्ते से चोर बैंक मैनेजरों की धरपकड़ शुरू हो चुकी है जिसकी वजह से बैंकों में डर फ़ैल रहा है, कुछ बैंकों ने सही तरीके से काम करना शुरू कर दिया है जिसकी वजह से लाइनें कम हो गयी हैं लेकिन प्राइवेट बैंक मैनेजर अभी भी कालेबाजारी और दलाली में व्यस्त हैं। अगर ये लोग नहीं सुधरे तो जल्द ही पब्लिक इन्हें जूतों से पीटना शुरू कर देगी।
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